शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

ई-पेमेंट्स के ऍप्लिकेशन्स के बारे में जानें 2018 by latesttips.oo

ई-पेमेंट्स के ऍप्लिकेशन्स के बारे में जानें 2018 by latesttips.ooo


हेल्लो एंड वेलकम दोस्तों कैसे हो आप मेरे ख्याल से आप बहुत ही अच्छे होंगे।
मैं अमरनाथ मौर्य आप सभी मित्रों का अपने ब्लॉग पर हार्दिक अभिनंदन करता हूं।

आज मैं आप सभी को e-payments के ऍप्लिकेशन्स के बारे में संक्षिप्त परिचय देने वाला हूं।
ई-पेमेंट्स के ऍप्लिकेशन्स के बारे में जानें 2018 by latesttips.ooo
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Bharat Interface for Money (BHIM)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जनवरी, 2017 को नए डिजिटल पेमेंट एप्लीकेशन `BHIM' की शुरुआत की है, जो `यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस' (UPI) से जुड़ा है। इसे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की स्मृति में जारी किया गया है। BHIM वस्तुतः `आधार' आधारित भुगतान की प्रक्रिया है, जहां फिंगरप्रिंट की सहायता से हस्तांतरण की सुविधा दी गई है। `भीम' कोई मोबाइल वॉलेट नहीं है। यह ग्राहक के बैंक खातों से सीधे जुड़ा होगा। इसको चलाने के लिए आपके बैंक खाते में आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना चाहिए और उस बैंक खाते से जुड़ा ATM कार्ड होना चाहिए। जो मोबाइल नंबर बैंक खाते में रजिस्टर है वही नंबर आपके स्मार्टफोन में भी होना चाहिए तभी आप इस एप्लीकेशन को एक्सेस के सकते है।

Unified Payments Interface (UPI)

UPI एक नया एप्लीकेशन है, जिसकी शुरुआत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा की गई है। इसमे स्मार्टफोन तथा इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत है। एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के बाद बैंक एकाउंट से सीधे जुड़कर लेनदेन की प्रक्रिया को आसानी से आगे बढ़ाया जा सकता है। 28 सार्वजनिक क्षेत्र तथा निजी बैंको में UPI की सुविधा उपलब्ध है ।

Virtual Payments Address (VPA)

Unified Payments Interface (UPI)को संचालित करने के लिए VPA को अनिवार्य बनाया गया है। UPI की सेवा जिन 28 बैंको द्वारा आरंभ की गई है, उसका संचालन बिना किसी खाता संख्या के एक VPA द्वारा किया जाएगा। यह VPA बैंक से संबंधित UPI ऍप्लिकेशन्स पर उपलब्ध होता है। यह आपके नाम अथवा आपके द्वारा दिये गए नाम से जुड़ा एड्रेस जेनरेट करता है।

Aadhar-Enabled Payments System (AEPS)

देश मे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम (AEPS) की शुरुआत की गई है। यह बैंक की नई पद्धति है, जिसमे माइक्रो एटीएम की सहायता से बैंकिंग प्रक्रियाओं को संचालित किया जाता है। इसमें आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से वाणिज्यिक गतिविधियों को प्रभावी बनाया जाता है। `आधार' आधारित प्रक्रिया द्वारा चार प्रकार की बैंकिंग गतिविधियों को संचालित करने की स्वीकृति दी गई है। ये है- 1. Balance Inquire, 2. Cash withdrawal, 3.  Cash deposit,. 4. Aadhar to aadhar fund transfer

National Electronic Funds Transfer (NEFT)

NEFT एक राष्ट्रीय स्तर पर धन हस्तांतरण का माध्यम है। इसकी सहायता से अपने खाते से धन उसी बैंक के अन्य खातों अथवा किसी अन्य बैंक खाते में आसानी से भेजा जा सकता है। इस प्रक्रिया में धन सीमा 10 लाख रुपये तक माना गया है। सभी बैंकों में NEFT की सुविधा उपलब्ध है । यह प्रक्रिया बैंको द्वारा किसी भी समय की जा सकती है।

Real Time Grass Sattelment (RTGS)

RTGS एक ऐसी धन हस्तांतरण की प्रक्रिया है, जिसमे किसी0 प्रकार की प्रतीक्षा सूची नही होती है। RTGS का संचालन सीधे RBI द्वारा बैंको को इलेक्ट्रॉनिक माध्यमो की सहायता से किया जाता है तथा हस्तान्तरित धन शीघ्र खाते में भेज दिया जाता है। RTGS की सहायता से अधिक धनराशि का हस्तांतरण होता है, जो ₹2 लाख या उससे अधिक निर्धारित है।

Internet Banking (E- banking)

ई बेंकिंग सेवाओं का सरल तथा सुरक्षित स्वरुप है। इसका संचालन व्यक्ति अपने घर अथवा कार्यालय से सरलतापूर्वक कर सकता है। यह एक प्रभावी तथा अतुल्य बैंकिंग सेवा है। इसमें बैंकों की वेबसाइट पर जाकर यूजर id तथा पासवर्ड की सहायता से बैंकिंग प्रक्रिया संचालित की जा सकती है। इंटरनेट बैंकिंग से जिन् सेवाओं का संचालन किया जा सकता है, वे इस प्रकार हैं, खातों के स्टेटमेंट की जांच
फण्ड का ट्रांसफर
फिक्स्ड डिपाजिट करना
यूटिलिटी बिलों के लिए भुगतान
प्रीपेड रिचार्ज
कर तथा बीमा सेवाओं के लिए भुगतान

M-Banking (SMS banking)

मोबाइल बैंकिंग (M-बैंकिंग) की प्रक्रिया में IMPS की सहायता से धन हस्तांतरित किया जा सकता है। इसमें सभी ग्राहक शामिल हो सकते हैं। M-बैंकिंग में अपने मोबाइल नंबर को अपनी बैंक शाखा में पंजीकृत कर IMPS सेवा को सक्रिय करना होता है। इसके बाद ग्राहक को 7 अंको का MMID नंबर प्राप्त होता है।MMID नंबर की सहायता से M-बैंकिंग को संचालित किया जाता है।


Micro-ATM Transaction

माइक्रो-ATM बैंकिंग व्यवस्था का विस्तारित नेटवर्क है। इसका संचालन बैंकों द्वारा किया जाता है। इसे बैंकों के एजेंट ऑपरेट करते हैं। यह टच-आधारित बैंकिंग इंटरफेस है, जो atm कार्ड नंबर, आधार क्रमांक अथवा बैंक खाता क्रमांक से संचालित किया जा सकता है।
माइक्रो atm द्वारा जिन बैंकिंग गतिविधियों को संचालित किया जा सकता है, वे है
  1. पेपरलेस बैंक अकाउंट
  2. कैश विड्रॉल तथा डिपॉज़िट 
  3. सरकारी सेवाओं के लिए भुगतान
  4. धन हस्तांतरित करना
  5. अन्य सेवाओं(रिचार्ज इत्यादि) के लिए भुगतान करना।

E-wallet (Paytm)

ई वॉलेट वर्तमान में अत्यधिक प्रचलित है इसकी सहायता से डाउनलोड किए गए एप्लीकेशन के खाते में कुछ रुपया रखकर लेन-देन किया जा सकता है। सार्वजनिक क्षेत्रो के बैंको द्वारा अपने ई-वॉलेट तैयार किए गए हैं इन दिनों कई ई-वॉलेट सक्रिय है, जिनमें अधिकांश निजी क्षेत्र के हैं। इनमें प्रमुख है paytm, paypal, mobikwik इत्यादि।

PAYTM

Paytm एक निजी ई-वॉलेट है जो नोट बंदी के बाद तेजी से प्रयुक्त होने वाले `मोबाइल ट्रांजेक्शन' के रुप में प्रयुक्त हुआ है। paytm की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई। एक अनुमान के अनुसार भारत में 15 करोड लोग ऑनलाइन तथा रिटेल परचेस के लिए paytm का प्रयोग कर रहे हैं । इसमें उपभोक्ता अपने बैंक खाता में कुछ राशि संरक्षित रखता है। खुदरा खरीदारी के दौरान `मोबाइल नंबर' द्वारा पेमेंट paytm के माध्यम से किया जाता है। प्रयोग की सरलता के कारण paytm अन्य ई-वॉलेट के मुकाबले अधिक लोकप्रिय हुआ है।
   तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही मिलते है अगले आर्टिकल में।
धन्यवाद!

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